Monday, October 1, 2018

अक्सर देखा है ....
जब चाँद अपने पूरे शादाब में हो चकोर को 
ओस की चन्द बूंदों की प्यास हो
तो बादलों को चाँद के साथ खेलते देखा है...
बादल भी इतराता इठलाता ........... 
चकोर को चकोर बनने पे मजबूर करते हुए ..
अक्सर देखा है............

No comments:

Post a Comment